Thursday, February 19, 2009

=शेर=

पाया था जिसे मैंने सदियों, सालों में!

वो चाँद कहीं खोया दुनिया के उजालों में!

दिल में छुपा लूँ इनको या धड़कन में बसा लूँ,

है उसका पता मेरे इन पांव के छालों में!

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